समीक्षा तिथि: 11 Aug 2026 · Astrologics Editorial
करण: पंचांग के पाँच अंगों में से एक। करण तिथि का आधा भाग है और मुहूर्त व कर्म-चयन में उपयोग होता है।
करण ज्योतिष पढ़ते समय बार-बार आता है — कुंडली, मिलान, दशा या पंचांग में। संक्षिप्त परिभाषा याद रखने से रिपोर्ट समझना आसान होता है।
Astrologics पर मुफ्त जन्म कुंडली और कैलकुलेटर लाहिरी निरयण पद्धति का उपयोग करते हैं। करण की व्याख्या भी उसी परंपरा के संदर्भ में दी गई है।
यदि आपका प्रश्न करण से जुड़ा समय, दोष या मिलान का है, तो संबंधित कैलकुलेटर आज़माएँ और फिर एआई गुरु या सत्यापित ज्योतिषी से विस्तार पूछें।
यह पृष्ठ सामान्य शिक्षा हेतु है — व्यक्तिगत निर्णय के लिए जन्म विवरण सहित योग्य परामर्श लें। अंतिम समीक्षा: 11 Aug 2026।